हमारे देश भारत में एक i-flu नाम की बीमारी चली है। खासकर बच्चों में, अगर आप की भी आंखें लाल है, आंखों में पानी आ रहा है, आंखों में जलन हो रहा है या फिर आपकी आंखों में चुभन हो रहा है।
तो हमारा यह सावधान करने वाला विश्लेषण आपको जरूर पढ़ना चाहिए। कोरोना का समय आपको अच्छे से याद होगा कि किस तरह लोगों ने एक दूसरे से बात करना बंद कर दिया। एक दूसरे से मिलना बंद कर दिया और एक दूसरे से हाथ मिलाना भी बंद कर दिया था। ऐसी स्थिति फिर आने को हो गई है। लोगों ने एक दूसरे से मिलना बंद कर दिया है । एक दूसरे से बात करना बंद कर दिया है। यहां तक कि लोग एक दूसरे से आंख भी नहीं मिला पा रहे हैं।
बारिश का मौसम अपने साथ कई बीमारियां लाता है। और इसी मौसम में ही बैक्टीरिया तेजी से फैलते हैं। इस बार आई फ्लू नाम की बीमारी आई है। ऐसी बात नहीं है क्या पहली बार आई है। यह पिछले साल भी आई थी लेकिन इसकी तुलना में बहुत कम था। आई फ्लू आंखों को संक्रमित करने वाली ऐसी बीमारी है जो आंख को ढकने वाली झिल्ली को संक्रमित करता है। इसे कंजक्टिवाइटिस या पिंक आई भी कहा जाता है। साधारण शब्दों में कहे तो आई फ्लू। आई फ्लू में संक्रमण पहले एक आंख में होता है, फिर यह दूसरी आंख में भी फैल जाता है, इसलिए मेरा सुझाव है कि अगर आपके परिवार या मित्र में ऐसा कोई व्यक्ति है तो कृपया थोड़ा दूरी बनाए रखें।
और इस बार जिस रफ्तार से आई फ्लू के मरीजों की संख्या बढ़ी है। इसे देखकर अस्पताल के डॉक्टर भी हैरान है। क्योंकि i-flu इस बार जितना हुआ है, उतना कभी नहीं हुआ था। इसमें बड़ी संख्या में बच्चे भी हैं।
इससे बचने के लिए हमें इसके लक्षणों को जानना होगा।
आई फ्लू के लक्षण है-
(1) आंखें लाल होना
(2) आंखों में सूजन होना
(3) आंखों में खुजली होना
(4) आंखें खोलने में परेशानी होना
(5) आंखों से पानी आना।
अगर आपको ऐसे लक्षण दिखे तो डॉक्टरों का कहना है कि कृपया अपना अच्छे से इलाज करवाएं।
याद रहे कि यह एक संक्रामक रोग है। आप सोच रहे होंगे कि आंख से बैक्टीरिया दूसरे को आंख में कैसे चली जाएगी? आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जो व्यक्ति इस से संक्रमित होता है वह बार-बार अपनी आंखों को हाथों से मलता है। फिर क्या आपने उससे अगर गलती से हाथ मिला लिया तो बैक्टीरिया आपके सीधे शरीर मैं घुसकर आंखों तक पहुंच जाती है।
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