केरल के कोक्षिकोड में निपाह वायरस के मामले सामने आने से ही डर का माहौल बना हुआ है। निपाह वायरस को देखते हुए कोझिकोड में सभी एजुकेशन इंस्टीट्यूट को अगले रविवार यानी की 24 सितंबर तक के लिए बंद कर दिया गया है। इसमें स्कूल प्रोफेशनल कॉलेज और इंस्टीट्यूट केंद्र भी शामिल है। जिला प्रशासन का कहना है की पूरे हफ्ते सभी एजुकेशन इंस्टिट्यूट में ऑनलाइन क्लास कराई जा सकती है।
क्या है निपाह वायरस..?
आईए निपाह वायरस के बारे में कुछ जानकारी इकट्ठा करते हैं__
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के अनुसार-- (1)निपाह वायरस एक जूनेटिक बीमारी है। जो जानवरों से इंसानों में फैलता है। (2)यह खासकर चमगादड़ के जरिए फैलता है। (3)इसके अलावा सूअर, बकरी, घोड़े, कुत्ते और बिल्लियों से भी फैलता है। (4)यह खाने पीने के जरिए इंसानों से इंसानों में भी फैलता है। (5)एक व्यक्ति से अन्य व्यक्ति भी संक्रमित हो सकते हैं। (6)सबसे खास बात यह है कि यह हवा से नहीं फैलता है।
आईए थोड़ा इसके अतीत के बारे में जानते हैं--
दुनिया में सबसे पहले निपाह वायरस 1999 में मलेशिया की एक गांव में देखा गया था और 2018 में सबसे पहले केरल (भारत) में
आईए इसके लक्षण के बारे में जानते हैं--
निपाह वायरस के लक्षण_ तेज बुखार, सिर दर्द, सांस लेने में तकलीफ, गले में खराश और निमोनिया जैसे लक्षण दिखाई पड़ते हैं।अगर स्थिति गंभीर हो तो शख्स कोमा में भी जा सकता है।
निपाह वायरस से बचाव __
विश्व चिकित्सा संस्था के अनुसार (1) इस वायरस से बचाव के लिए कोई वैक्सीन अभी तक नहीं बनी है। (2)शुरुआती लक्षण दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर से सलाह ले
कितना खतरनाक है निपाह वायरस__
जानकारों के मुताबिक, निपाह बेहद खतरनाक और घातक वायरस है । यह ज्यादा लोगों को संक्रमित नहीं करता लेकिन जिन लोगों को संक्रमित करता है उनमें मृत्यु होने की ज्यादा संभावना रहती है। केरल में एक बार फैला था तब मृत्यु दर 54 फ़ीसदी से 70% तक मृत्यु दर हुई थी।
इसका अर्थात निपाह वायरस का इलाज अब तक सिर्फ सावधानी ही है।
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